बाबा महाकाल के रूप में सजे धूमेश्वर महादेव , लगाए छप्पन भोग
महाशिवरात्रि पर्व के चलते नित- नित हो रहे हैं नए स्वरूपों के श्रृंगार

भितरवार। वैसे तो ग्वालियर चंबल क्षेत्र में शैव परंपरा के अनेक प्राचीन मंदिर है। इन्हीं में से एक प्राचीन मंदिर धूमेश्वर महादेव का है। जो कि देश की ऐतिहासिक धरोहर मे भी शामिल है। यह प्राचीन मंदिर भितरवार नगर से महज 12 किलोमीटर दूर सिंध और पार्वती नदी के संगम स्थल पर स्थित है। वैसे तो धूमेश्वर महादेव मंदिर पर अक्सर चमत्कार होते रहते हैं, साथ ही मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जिस किसी श्रद्धालु ने यहां अपनी मन्नत मांगी है उसकी मन्नत भूत भूतेश्वर भगवान के रूप में मौजूद धूमेश्वर महादेव अवश्य पूरी करते हैं। वैसे इस समय देखा जाए तो महाशिवरात्रि पर्व के चलते भगवान भोलेनाथ की विवाह की तैयारियां जोरों पर चल रही है भक्तों के द्वारा मंदिर पर विशेष सजावट की जा रही है ऐसे में सोमवार के अलावा भी हजारों की तादाद में श्रद्धालु भक्त सहज भले में दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। तो वहीं महाशिवरात्रि पर्व के के चलते मंदिर महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री अनिरुद्ध वन महाराज द्वारा संध्याकालीन बेला में प्रतिदिन भगवान भूत भूतेश्वर धूमेश्वर महादेव के नित्य नित्य नए-नए स्वरूपों का श्रृंगार किया जा रहा है जिसे देख लोग आश्चर्यचकित हैं। ऐसा ही नजारा कृष्ण पक्ष की दसवीं तिथि गुरुवार की देर शाम को देखने को मिला जहां महंत महामंडलेश्वर श्री अनिरुद्ध वन महाराज द्वारा भूत भावन भगवान धूमेश्वर महादेव का उज्जैन के बाबा महाकाल के रूप में सजाया गया जिसे देखकर लोग आश्चर्यचकित हो गए। वहीं कुछ लोगों ने इसका वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित कर दिया, जिसे देखकर शुक्रवार को कई सैकड़ो श्रद्धालु भक्तगण वहां पहुंचे और उन्होंने अपनी आंखों से इस चमत्कारिक दृश्य को देखा। वही मंदिर के संबंध में महामंडलेश्वर अनिरुद्ध वन महाराज ने बताया कि इस मंदिर के संबंध में पौराणिक मान्यता है कि इस शिवलिंग का उद्गम नदी से ही हुआ है। इस धाम पर एकांतवास में भगवान का ध्यान करने और भगवान भूत भावन के नित नित होने वाले चमत्कारों को यहां आए दिन देखा जा सकता है। सच्चे मन से श्रद्धा पूर्वक मांगी गई हर मन्नत को पूरा करते हैं और गलत पापी अत्याचारी का सर्वनाश भी करते हैं। इस महीने में आए दिन यहां चमत्कार होते रहते हैं। तो वहीं महाराज श्री ने बताया शुक्रवार से भगवान भोलेनाथ के विवाह कार्यक्रमों की भी शुरुआत हो रही है शुक्रवार को फलदान चढ़ाया जाएगा , शनिवार को मंडप रहेगा और रविवार को धूमधाम से भगवान भोलेनाथ का विवाह किया जाएगा इस उत्सव में आप सभी भक्त बढ़ चढ़ कर भाग ले और इस पावन विवाह महोत्सव में शामिल होकर आनन्द ले ।
इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की सुख समृद्धि कामना को लेकर महाकाल स्वरूप भगवान धूमेश्वर महादेव की अनूठी और आकर्षक झांकी की आरती उतार कर सभी की मंगल कामना की और भोलेनाथ को 56 भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया ।

