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मध्य प्रदेशलोकल न्यूज़

कलेक्टर के आदेश हवा हवाई ,  मैरिज गार्डन संचालक नियमो को कर रहे है अनदेखा

मैरिज गार्डनों पर पार्किंग नहीं, सड़क पर खड़े हो रहे वाहन , प्रशासन मौन

नियमों को ताक में रखकर चल रहे मैरिज गार्डन, पार्किंग के अभाव में यातायात होता है प्रभावित, हो रहे हैं हादसे 

के के शर्मा संवाददाता

भितरवारशादियों के सीजन में नगर और नगर की सीमा से सटे मैरिज गार्डनों के कारण लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। नियमों को ताक में रखकर चल रहे इन मैरिज गार्डनों में पार्किंग की कोई व्यवस्था भी नहीं है। जिसके चलते मुख्य मार्गों पर बने इन मैरिज गार्डनों के बाहर यातायात व्यवस्था बिगड़ती दिख रही है। विवाह समारोह में शामिल होने वाले लोग रोड पर ही वाहन खड़े करने को मजबूर है। कई बार तो इन मैरिज गार्डनों के बाहर खड़े वाहनों की वजह से लगे जाम के कारण विवाद की स्थितियां निर्मित होती है और छुटपुट घटनाओं के साथ बड़े सड़क हादसो का भी सामना करना पड़ता है। और यह सब जानने के बाद भी स्थानीय प्रशासन इन मैरिज गार्डनों को अनदेखा किये हुए है।

नगर में करीब 10 से 12 मैरिज गार्डन चल रहे है।

मैरिज गार्डन संचालन के लिए कई नियमों का पालन करना पड़ता है। नगर में करीब 10 से 12 मैरिज गार्डन चल रहे है। देखा जाए तो इसमें से अधिकतर नियमों को धता बता रहे है। किसी भी मैरिज गार्डन के बाहर या अंदर पार्किंग व्यवस्था ही नहीं है। जिसमें से कुछ मुख्य मार्गों से हटके बने हुए हैं उन्हीं मे कुछ पार्किंग व्यवस्था है। वहीं, रहवासी क्षेत्र में भी संचालित हो रहे मैरिज गार्डन में देर रात तक गूंजने वाले शोर से क्षेत्रवासी भी परेशान है। पार्किंग के अभाव में जहां मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बनती है। वहीं, रहवासी क्षेत्र में लोगों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है।

*कैसे मिल गई निर्माण की अनुमति -*

मैरिज गार्डन के लिए पहले तो व्यवसायिक भूखंड का डायवर्सन राजस्व विभाग से कराना होता है। इसके बाद नगर पालिका से भवन निर्माण की अनुमति लेना पड़ती है। नगर पालिका में नक्शा पेश करने के साथ ही सारे नियमों को भी पालन करना पड़ता है। नगर पालिका अधिकारी, इंजीनियरों द्वारा पूरा मौका मुआयना करने के बाद ही निर्माण की अनुमति दी जाती है। अब सवाल ये उठता है कि जब मैरिज गार्डनों के पास पार्किंग व्यवस्था ही नहीं है तो उन्हें अनुमति कैसे दे दी गई।

कलेक्टर चौधरी ने दिए थे सख्त आदेश

ग्वालियर जिले के तत्कालीन कलेक्टर अनुराग चौधरी ने जारी आदेश में होटल, मैरिज गार्डन, मांगलिक भवन संचालकों को निर्देश दिए गए क्योंकि पार्किंग स्थल की व्यवस्था मैरिज गार्डन, मांगलिक भवन एवं होटल आदि परिसर में ही रखी जाएगी। सार्वजनिक स्थलों एवं मार्ग पर पार्किंग ना हो। इस संबंध में स्वयं के खर्चे से पर्याप्त संख्या में काम से कम तीन गार्ड भी रखे जाएं जो वाहनों को व्यवस्थित रूप से निर्धारित पार्क में पार्क कराएंगे। जिससे यातायात व्यवस्था में व्यवधान न हो इसके पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड रखे जाने होंगे। विवाह समारोह के दौरान बारात के स्वागत का स्थान पर कर के अंदर ही निर्धारित किया जाएगा। विवाह कार्यक्रम एवं अन्य कार्यक्रमों के दौरान ऐसी कार्य नहीं किया जाए जिससे किसी प्रकार का व्यवधान पैदा हो और आम जनता को असुविधा हो या वहां ध्वनि प्रदूषण हो। धार्मिक जुलूसों, चल समारोह, बारात एवं उपरोक्त स्थलों में होने वाले कार्यक्रमों आदि के दौरान अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने, उनका प्रदर्शन एवं हर्ष फायर करना पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। लेकिन तत्कालीन कलेक्टर श्री चौधरी द्वारा दिए गए आदेश निर्देश उनके स्थानांतरण के बाद हवा हवाई हो गए।

हिदायत के बाद भी मनमर्जी के मालिक है मैरिज गार्डन संचालक -*

 हालांकि  प्रशासन की ओर से कई बार मैरिज गार्डन संचालकों को पार्किंग सुविधा तय करने की हिदायत दी गई लेकिन अभी तक इस दिशा में किसी भी मैरिज गार्डन में पार्किंग नही बनी है  मैरिज गार्डनों  में  एनजीटी के नियम के तहत  पार्किंग   के लिए 35 फीसदी जगह छोडे जाने का प्रावधान है। फिर भी मैरिज गार्डन संचालकों द्वारा अपनी पूरी भूमि में मैरिज गार्डन संचालित कर रहे है।  मालुम रहे कि नगर भितरवार में एक दर्जन से अधिक  मैरिज गार्डन संचालित हो रहे है। वैवाहिक मुहुर्तो के दौरान सभी मैरिज गार्डन बुक रहते है।

*पार्किंग व्यवस्था न होने से हो रहे हैं हादसे -*

नगर में संचालित मैरिज गार्डनो में वाहन पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर जहां बेतरतीव वहां खड़े हो रहे हैं जिससे नगर का यातायात प्रभावित हो रहा है वहीं मुसाफिरों को जहां तमाम परेशानियों का भीषण गर्मी के बीच सामना करना पड़ रहा है। तो वही व्यवस्थित यातायात ना होने के कारण कई छुट पुट घटनाओं के साथ ही कई बड़े हादसे भी घटित हो रहे हैं । ऐसी तमाम घटनाएं आए दिन उचित पार्किंग ना होने के कारण घटित हो रही है। तो वहीं राहगीरों को जाम लगने के कारण कई घण्टो परेशानी का सामना करना पड़ता है ।

ये है मैरिज गार्डनों के लिए नियम

-प्रत्येक मैरिज गार्डन संचालक को नगर पालिका से अनुमति लेना अनिवार्य।

-मैरिज गार्डन के लिए फायर बिग्रेड की एनओसी के लिए भी शुल्क निर्धारित

-डीजे के लिए भी समय निर्धारित, रात 10 से सुबह 8 बजे तक प्रतिबंधित।

-गार्डन में वॉटर हारर्वेस्टिंग सिस्टम लगवाना जरूरी।

-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आने-जाने के लिए दो गेट लगाना जरूरी।

-बिजली, पानी और आपात बिजली की व्यवस्था निश्चित मापदंड पर जरूरी।

-सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की जवाबदारी भी मैरिज गार्डन संचालक की है।

-गार्डन में केंद्र व राज्य शासन के ध्वनि व वायु प्रदूषण नियम का पालन हो।

-मैरिज गार्डन तक सड़क की चौड़ाई कम से कम 40 फीट हो।

-कुल क्षेत्र का 25 फीसदी हिस्सा पार्किंग के लिए आरक्षित।

-पार्किंग के लिए चार गार्ड रखना होंगे। जो मुख्य सड़क का ट्रैफिक भी संभालेंगे

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