परिवहन आयुक्त जोगा के आते ही ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टर संचालकों में जागी न्याय की उम्मीद
न्याय पाने का इंतजार खत्म

मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग में एक बार फिर नई उम्मीदों की किरण दिखाई देने लगी है। हाल ही में जोगा के परिवहन आयुक्त पद पर पदस्थ होते ही ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टर संचालकों में न्याय की उम्मीद जाग उठी है। लंबे समय से प्रदेश के विभिन्न चेकपोस्टों पर प्रभारियों के संरक्षण में चल रही अवैध वसूली, मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटनाओं से परेशान ड्राइवर अब राहत की सांस ले रहे हैं।
ट्रांसपोर्ट जगत का कहना है कि पूर्व परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा के कार्यकाल में प्रदेश की ज्यादातर परिवहन चौकियों पर ट्रक ड्राइवरों से नियम विरुद्ध वसूली आम बात बन चुकी थी। कई स्थानों पर चेकपोस्ट प्रभारियों द्वारा खुलेआम ड्राइवरों से पैसों की मांग की जाती थी, और विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज और मारपीट तक का सामना करना पड़ता था।
लेकिन जैसे ही जोगा ने परिवहन आयुक्त का कार्यभार संभाला, विभाग में सुधार और सख्ती दोनों की शुरुआत हो गई। सूत्रों के अनुसार, जोगा ने प्रदेश की लगभग सभी प्रमुख चेकपोस्टों के प्रभारियों को नोटिस जारी किए हैं, जिन पर अवैध वसूली या ड्राइवरों से दुर्व्यवहार की शिकायतें मिली थीं।
ड्राइवरों के मुताबिक, आयुक्त जोगा का यह कदम ऐतिहासिक और साहसिक है। उन्होंने विभाग के भीतर फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस पारदर्शिता और निष्ठा से कार्रवाई शुरू की है, वह निचले स्तर तक संदेश दे रही है कि अब “बेईमानी नहीं चलेगी।”
ट्रक ड्राइवर संघ और ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन ने भी जोगा के इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि लंबे समय से परिवहन चौकियों पर जो भय और दहशत का माहौल था, उसमें अब बदलाव देखने को मिल रहा है। ड्राइवरों का कहना है कि पहले बिना वजह गाड़ियों को रोका जाता था, दस्तावेज़ों के बावजूद चालान काटे जाते थे और अवैध रूप से रकम वसूली जाती थी।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि जोगा ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिवहन चौकी पर यदि नियम विरुद्ध वसूली की शिकायत मिलती है, तो संबंधित प्रभारी और कर्मचारियों पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
ड्राइवरों का कहना है कि नोटिस जारी होने के बाद से कई चौकियों पर अब अधिकारी और कर्मचारी सतर्क हो गए हैं। वहीं, जो कभी ड्राइवरों से अभद्र व्यवहार करते थे, अब नियमों के दायरे में काम करने को मजबूर हैं।
प्रदेश के ट्रांसपोर्टर अब उम्मीद जता रहे हैं कि आयुक्त जोगा के नेतृत्व में परिवहन विभाग में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही का नया अध्याय शुरू होगा।




