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सुरक्षा मानकों की अनदेखी से नगर निगम की भूमिका पर उठे सवाल

मंगल हॉस्पिटल का स्वीकृत भवन नक्शा सवालों के घेरे में

ग्वालियर
शहर के चर्चित मंगल हॉस्पिटल का भवन नक्शा अब सवालों के घेरे में आ गया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल के निर्माण के दौरान न तो सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया और भवन में आवश्यक फायर सेफ्टी चालू हालात में नहीं है और आपातकालीन निकास व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई। इसके बावजूद नगर निगम से हॉस्पिटल का नक्शा स्वीकृत करवा लिया गया। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में किसी भी हॉस्पिटल या नर्सिंग होम को संचालन की अनुमति से पहले नगर निगम या संबंधित शहरी निकाय से भवन नक्शा स्वीकृति लेना अनिवार्य है। स्वीकृति तभी दी जाती है जब भवन स्वास्थ्य सेवा उपयोग के लिए सुरक्षित पाया जाए। इसके तहत भवन में संरचनात्मक सुरक्षा फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन एग्जिट, वेंटिलेशन, तथा विद्युत सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएँ अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
मंगल हॉस्पिटल के मामले में स्थानीय निवासियों ने शिकायत की है कि भवन में न तो पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर, फायर हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास द्वार उपलब्ध हैं, न ही किसी मान्यता प्राप्त इंजीनियर से संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणपत्र लिया गया है। वहीं, कुछ कमरों में एयर सर्कुलेशन और प्राकृतिक वेंटिलेशन का भी अभाव है।
मंगल अस्पताल के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने नगर निगम को अधूरी जानकारी देकर नक्शा स्वीकृति प्राप्त कर ली होगी, जबकि मौके पर वास्तविक निर्माण स्वीकृत नक्शे से भिन्न है। अब सवाल यह उठ रहा है कि बिना सुरक्षा मानकों की जांच के भवन नक्शा स्वीकृत कैसे किया गया?
सूत्रों का कहना है कि यदि भवन सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई, तो नगर निगम द्वारा भवन स्वीकृति निरस्त करने और अस्पताल पर कार्यवाही को लेकर जिम्मेदार निगम के अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे है।

 

 


पार्किंग को लेकर अविवस्था

ग्वालियर के मंगल हॉस्पिटल में पार्किंग व्यवस्था का अभाव साफ नजर आ रहा है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा पार्किंग की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके चलते मरीजों और उनके परिजनों के वाहन अस्पताल के बाहर सड़क पर खड़े किए जा रहे हैं। इससे न केवल ट्रैफिक अवरुद्ध हो रहा है बल्कि आए दिन जाम की स्थिति भी बनती है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस से इस समस्या के समाधान की मांग की है।


आसपास के लोगों की जान को खतरे में डाल रहा डॉक्टर अग्रवाल

 


मंगल हॉस्पिटल में लापरवाही का आलम यह है कि अस्पताल परिसर के बहार ऑक्सीजन सिलेंडर खुले में रखे गए हैं। बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के रखे ये सिलेंडर कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही से मरीजों और आसपास के लोगों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।

 

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