स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कर्मियों को प्रोत्साहित करना विभाग का पहला लक्ष्य : डॉ चौधरी
अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण सुधार से मरीजों का हो रहा है कायाकल्प

भितरवार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई, स्वच्छता, बॉयोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, फाइलों का संधारण, अस्पताल परिसर में संक्रमण रोकने के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा किये गए कार्यो को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार के सहयोग से कायाकल्प योजना संचालित है। इस योजना के तहत सोमवार को भितरवार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का राज्य स्तरीय कायाकल्प योजना की दो सदस्यीय टीम ने निरीक्षण कर पियर एसेसमेंट किया। इस टीम में डॉ आर के चौधरी एवं डॉ ज्योत्सना (डीन) ने खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक खरे के साथ निरीक्षण किया। जहां खामियां नजर आई होने में शीघ्र सुधार के निर्देश दिए तो वही जहां अच्छा महसूस हुआ वहां शाबाशी दी गई तो साथ ही साफ- सफाई को लेकर अस्पताल के सफाई कामगार मित्रों का पुष्प कुछ भेंटकर सम्मान भी किया गया।
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कर्मियों को प्रोत्साहित करना विभाग का पहला लक्ष्य है यह बाद राज्य स्तरीय टीम से आए डॉक्टर आरके चौधरी ने कही। साथ ही उन्होंने बताया कि कायाकल्प योजना का मुख्य उद्देश्य यही होता है कि सभी तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं को विशिष्ट मानकों की दिशा में प्रोत्साहित करना एवं स्वास्थ्य सुविधाओं सहित स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बनाना होता है। सामान्य रूप से विभिन्न अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभागीय स्तर पर मुख्य रूप से तीन तरह की सुख सुविधाओं पर फोकस किया गया है। जिसमें स्वच्छता, बॉयोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, हॉस्पिटल इंफेक्शन के अलावा मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों के उत्तम व्यवहार को लेकर अस्पताल प्रशासन को कार्य करना होता है। इस क्रम में स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों को अस्पताल में इलाजरत मरीजों या आने वाले अभिभावकों के साथ अच्छा व्यवहार बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया है। वही डॉक्टर ज्योत्सना डीन ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले की अपेक्षा काफ़ी सुधार हुआ है। लेकिन अभी भी कुछ छोटे – छोटे सुधारों की जरूरत है जिनमें सुधार करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश स्थानीय सीबीएमओ को बताए गए हैं। साथ ही प्रसव कक्ष की प्रभारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मियों को भी आवश्यक सुधार संबंधी निर्देश दिए गए है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एवं अस्पताल प्रबंधन पूरी तन्मयता के साथ लगा हुआ है। इसके साथ ही कहा कि अस्पतालों में हो रहे गुणवत्तापूर्ण सुधार से मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है और आगे भी इससे बेहतर लोगों को इलाज मिले जिनको लेकर निरंतर कार्य सुधार के किया जा रहे हैं।दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग हमेशा तैयार रहता है। इस दौरान टीम के द्वारा अस्पताल के इमरजेंसी ओपीडी वार्ड, लैब, लेबर रूम, एनवीएसयू, एनआरसी, फार्मेसी, ओपीडी ऑपरेटिंग सिस्टम, वैक्सीनेशन वार्ड, मेटरनिटी वार्ड इत्यादि के साथ परिसर के शौचालय एवं चारों तरफ से परिसर का निरीक्षण करने के बाद अस्पताल का रिकॉर्ड संधारण करने की व्यवस्था हो या शासन द्वारा मरीज को उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं इनकी भी हकीकत देखी जिन पर उन्होंने संतुष्टता जाहिर की।
कायाकल्प की निरीक्षीय टीम ने द्दिया आवश्यक दिशा- निर्देश:
कायाकल्प की पियर एसेसमेंट करने आई टीम के सदस्यों ने अस्पताल के अंदर और बाहर सफाई या अन्य सुविधाओं को देख प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सहित अस्पताल परिसर की शौचालयों की घर जैसी सफ़ाई रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। कहा कि जब तक हम लोग अपने स्तर से व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं रखेंगे तब तक सुधार करने की बात बेमानी साबित होती रहेगी। साथ ही अस्पताल परिसर के पार्क के फूल-पौधे एवं औषधीय पौधे की निगरानी करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया हैं। अस्पताल में मरीजों के लिए शांत एवं स्वच्छ वातावरण बनाने की दिशा में उठाए जा रहे ठोस कदम को काफ़ी सराहनीय प्रयास बताया जा रहा है। साथ ही अस्पताल परिसर के अंदर बेहतर साफ सफाई मिलने पर उन्होंने अस्पताल के सफाई कर्मचारियों का पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मान भी किया। इस दौरान अस्पताल के विभिन्न सुरक्षा मानकों का भी निरीक्षण किया गया। जिन पर भी उन्होंने अपनी संतुष्टता दिखाते हुए कहां की निरीक्षण के अंदर जो व्यवस्था मिली है उनकी रिपोर्ट अंकों के आधार पर भोपाल में प्रस्तुत की जाएगी। फिलहाल निरीक्षण के दौरान बेहतर फीडबैक देखने को मिला है।



