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भितरवार। बीते रोज सोमवार की देर शाम राजस्थान राज्य के भीलवाड़ा निवासी रोशन सिंह गुर्जर के भैरुनाथ फालूदा विक्रय वाहन से फालूदा खाने के बाद चार लोगों की तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई थी जिन्हें देर रात्रि उपचार के लिए ग्वालियर भर्ती कराया गया था। उक्त घटना को गंभीरता पूर्वक लेते हुए भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया के निर्देश पर प्रशासन की टीम तत्काल एक्शन में आई और भितरवार नगर में संचालित फालूदा विक्रेताओं के यहां से फूड विभाग की टीम में पहुंचकर फालूदा सहित कुल्फी इत्यादि के नमूने लिए हैं जिन्हें जांच के लिए भोपाल लैब भेजा जा रहा है। आल्हा की इस दौरान हालांकि इस दौरान भितरवार नगर में जैसे ही फूड विभाग की टीम पहुंची वैसे ही अधिकतर शीतल पेय पदार्थ विक्रेता से लेकर किराना,होटल, मिष्ठान भंडार से लेकर अन्य खाद्य पदार्थों की दुकान बंद हो गई और दुकानदारों में दिनभर कार्यवाही का डर कितना देखने को मिला की टीम के जाने के बाद भी एक से डेढ़ घंटे तक बाजार में खाद्य पदार्थों की दुकान बंद बनी रही।
बतादें की बीते रोज भितरवार नगर के वार्ड क्रमांक 12 की निवासी 45 वर्षीय रेनू यादव पत्नी ध्रुव सिंह यादव, 27 वर्षीय रवि राजपूत पुत्र ध्रुव सिंह यादव दोनों मां बेटा के अलावा 16 वर्षीय राज यादव पुत्र उदयभान सिंह यादव एवं 14 वर्षीय आशीष परिहार पुत्र सोनू परिहार के द्वारा भैरूनाथ फालूदा विक्रेता रोशन सिंह गुर्जर के यहां से उपरोक्त लोगों के द्वारा फालूदा खाया गया था इसके बाद उनकी देर रात्रि तबियत बिगड़ गई तब उन्हें परिवार के लोग भितरवार के सामुदायिक अस्पताल लेकर आए, जहां चारों की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार देकर ग्वालियर रेफर कर दिया गया जहां भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया की निगरानी में फूड प्वाइजनिंग की बीमारी के शिकार चारों लोगों का इलाज मेडिकल कॉलेज में किया गया। उक्त घटना को गंभीरता पूर्वक लेते हुए एसडीएम श्री समाधिया के द्वारा तत्काल खाद्य औषधि विभाग के अधिकारियों को सेंपलिंग किए जाने के निर्देश दिए जिस पर मंगलवार को खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अशोक खरे के नेतृत्व में खाद्य औषधि निरीक्षक राजेश गुप्ता एवं दिनेश निम भितरवार पहुंचे जहां उन्होंने पुलिस और प्रशासन की मदद से करेरा तिराहे पर उपरोक्त विक्रेता के लगने वाले अन्य फालूदा वाहनों पर पहुंचकर बादाम शेक का फालूदा एवं ड्राई फ्रूट अमेरिकन आइसक्रीम का नमूना लिया। लिए गए नमूनो को टीम के द्वारा मौके का पंचनामा बनाकर नस्ती बंद कर लेबोरेटरी में जांच के लिए भोपाल भेजने की कार्यवाही की। साथ ही जिस फालूदा सेंटर से फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए उस केंद्र पर उपलब्ध फालूदा को देर रात ही तहसीलदार धीरज सिंह परिहार और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह चिकित्सकों की मदद से नमूने ले लिए गए थे जिन्हें भी सुरक्षित रख लिया गया था जिन्हें भी टीम के द्वारा जांच के लिए ले जाया गया है। साथ ही पुलिस के द्वारा उपरोक्त अधिकारियों की मौजूदगी में देर रात्रि को ही फालूदा विक्रेता वाहन को भी जप्त करने की कार्रवाई करते हुए उसे पुलिस थाने में लाकर रखा गया है।इस दौरान टीम को लीड कर रहे खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक खरे एवं खाद्य औषधि अधिकारियों के द्वारा गन्ने का रस विक्रेताओं के अलावा अन्य शीतल के पदार्थ या कुल्फी आइसक्रीम विक्रेताओं को हिदायत भी दी गई की साफ सफाई का और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। इस दौरान सबसे बड़ी बात सामने आई कि जैसे ही खाद्य औषधि विभाग के अधिकारी फालूदा विक्रेता की यहां नमूने लेने पहुंचे वैसे ही बाजार में टीम के आने की सूचना लग गई जिसके बाद खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के प्रतिष्ठान पूर्णतया बंद हो गए।
इनका कहना है,
गर्मी के मौसम में बाहर के खान-पान, विशेष कर डेयरी उत्पादों में शामिल जैसे फालूदा में हाइजीन की कमी होने हो सकती है। जिससे फूड प्वाइजिंग हुई है। फिलहाल फूड पीड़ित लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है, पहले से हालत में सुधार है। फालूदा खाने से ही उनकी हालत बिगड़ी है तो रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल सैंपल लिए गए हैं जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
डॉ अशोक खरे, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी भितरवार
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