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भितरवार। शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण बेहतर शिक्षा मिल सके जिसको लेकर स्कूल शिक्षा विभाग और शासन स्तर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन किए जा रहे प्रयास धरातल पर पूरी तरह से असफल साबित हो रहे हैं। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा विद्यालयों में शिक्षकों की समय पर उपस्थित हो जिसको लेकर पूरे प्रदेश भर में शिक्षकों की अटेंडेंस व्यवस्था शुरू की गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में आज भी वही पुराने हिसाब किताब से स्कूलों का संचालन हो रहा है ऐसा तब सामने आया जब भितरवार जनपद शिक्षा केंद्र में पदस्थ बीएसी के द्वारा विद्यालय खुलने के समय पर स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया तो स्कूलों पर ताला लगा मिला तो वही बच्चे स्कूल के बाहर शिक्षकों के आने का इंतजार करते हुए मिले हैं। जिस पर बीएसी के द्वारा बंद मिले स्कूलों मैं पदस्थ शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों के यहां भेज दिया गया है।
भितरवार जनपद शिक्षा केंद्र में पदस्थ बीएसी मुकेश सिंह यादव निरंतर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में शैक्षणिक स्तर के सुधार को लेकर प्रयासरत है इसी प्रयास के चलते वह निरंतर स्कूलों का निरीक्षण भी कर रहे हैं। इसी क्रम में 16 मार्च सोमवार को उन्होंने सर्वप्रथम विकासखंड के ग्राम छिरैंटा के प्राथमिक विद्यालय का सुबह 10:12 मिनट पर निरीक्षण किया गया जहां स्कूल के गेट पर ताला लटका हुआ था तो वही बच्चे शिक्षकों के आने का इंतजार करते हुए मिले। जिस पर उन्होंने उपस्थित बच्चों के कथन लिए तो बच्चों ने बताया कि यहां के शिक्षक इसी प्रकार आते हैं, कब आते हैं कब चले जाते हैं यह उन्हीं पर निर्भर करता है। तो स्कूल परिसर के आसपास प्रांगण में गंदगी देखने को मिली जिस पर उन्होंने मौके का पंचनामा बनाकर कार्यवाही प्रस्तावित की। तत्पश्चात कुछ दूर स्थित भानगढ़ गांव पहुंचे जहां उन्हें मनीराम का डेरा स्थित प्राथमिक स्कूल बंद मिला वहां भी बच्चे शिक्षकों के इंतजार में खेलते हुए मिले यहां भी उन्होंने कार्रवाई प्रस्तावित की। श्री यादव द्वारा 14 मार्च शनिवार को भी आधा दर्जन स्कूलों का निरीक्षण किया गया था जिसमें उन्होंने सर्वप्रथम सरदारों का पूरा प्राथमिक विद्यालय श्यामपुर का निरीक्षण किया जहां परीक्षा होने के बावजूद 10:04 पर स्कूल बंद मिला जबकि 10:00 बजे से परीक्षा का आयोजन शुरू होना थी। इसके बाद वह प्राथमिक विद्यालय रिझौरा पहुंचे जो 1:29 पर बंद मिला, उसके बाद शासकीय प्राथमिक विद्यालय मैंना भी समय से पहले 1:39 बजे बंद मिला, प्राथमिक विद्यालय दोनी भी 1: 44 बजे बंद मिला। उसके बाद शासकीय प्राथमिक विद्यालय आदिवासी पूरा इकहरा यह विद्यालय भी 2:04 पर बंद मिला। उसके बाद शासकीय माध्यमिक विद्यालय बरौआ का निरीक्षण किया गया तो वह 2:17 पर बंद मिला इस प्रकार। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर न तो स्कूल खुल रहे हैं और न समय पर बंद हो रहे हैं। वही श्री यादव के द्वारा निरीक्षण के उपरांत संबंधित स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। वही निरीक्षण में एक सबसे बड़ी खास बात और सामने आई है कुछ विद्यालयों पर इस समय कच्छा एक से लेकर चार तक की परीक्षा चल रही है इसी के चलते 16 मार्च को कक्षा तीन और चार की परीक्षा पर्यावरण विषय को लेकर थी। जिसका समय सुबह 10:00 बजे से था लेकिन संबंधित स्कूल में शिक्षकों को परीक्षा से पहले पहुंचना थी लेकिन शिक्षकों के न पहुंचने की बड़ी लापरवाही भी देखने को मिली है।
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