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देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान रविवार को कर दिया गया। चुनाव आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। इन राज्यों में अलग-अलग चरणों में मतदान कराया जाएगा, जबकि सभी राज्यों के नतीजे एक साथ 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इन पांचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कुल लगभग 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव प्रक्रिया के तहत कुल 824 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही इन सभी राज्यों में आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण के तहत 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि दूसरे चरण की मतदान प्रक्रिया 29 अप्रैल को पूरी होगी। पश्चिम बंगाल में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को देखते हुए चुनाव आयोग ने दो चरणों में मतदान कराने का निर्णय लिया है।
पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार बंगाल में चरणों की संख्या काफी कम कर दी गई है। वर्ष 2021 के चुनाव में यहां 8 चरणों में मतदान कराया गया था, लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने प्रक्रिया को सरल बनाते हुए दो चरणों में चुनाव कराने का फैसला लिया है।
चार राज्यों में एक ही चरण में चुनाव
चुनाव आयोग के अनुसार तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे। वहीं केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में मतदान 9 अप्रैल को कराया जाएगा। इन चारों क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया एक ही चरण में पूरी कर ली जाएगी।
मतदान समाप्त होने के बाद सभी राज्यों के वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। चुनाव आयोग ने बताया कि मतदान को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
17.4 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन पांचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कुल मिलाकर 17.4 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। चुनाव आयोग ने सभी जिलों में प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, मतदाता सुविधाओं और तकनीकी व्यवस्था को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
इसके साथ ही राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी आचार संहिता लागू हो गई है। अब चुनाव परिणाम घोषित होने तक सरकारी घोषणाओं, नई योजनाओं और चुनाव प्रचार से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
पिछली बार फरवरी में हुआ था ऐलान
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम चुनाव आयोग ने 26 फरवरी को घोषित किया था। उस समय पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में मतदान हुआ था, जो काफी लंबी चुनाव प्रक्रिया रही थी।
इस बार आयोग ने चुनाव कार्यक्रम को अपेक्षाकृत छोटा रखते हुए अधिकांश राज्यों में एक ही चरण में मतदान कराने का फैसला किया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सके।
अब चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही इन पांचों राज्यों में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और सभी दल चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच जोरदार प्रचार और जनसभाओं का दौर देखने को मिलेगा
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