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मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की कृषि उपज मंडी समिति दिनारपुर के मंडी क्षेत्र में आने वाले मुरार, सदर बाजार, गंज सिंहपुर रोड और आसपास के इलाकों में संचालित तेल मिलों में सरसों की खपत लगातार बढ़ रही है। बढ़ती मांग के चलते व्यापारी बड़ी मात्रा में खड़ी सरसों की खरीद कर रहे हैं और उसे विभिन्न गोदामों तथा वेयरहाउस में भंडारित किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में सरसों की बड़ी मात्रा में खरीद-फरोख्त हो रही है, लेकिन इस पर मंडी शुल्क की वसूली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई व्यापारियों द्वारा सरसों का माल सीधे गोदामों और वेयरहाउस में रखा जा रहा है, जिससे मंडी को मिलने वाले शुल्क पर संशय की स्थिति बन गई है।
मंडी क्षेत्र में सक्रिय तेल मिलों की बढ़ती संख्या और सरसों की बढ़ती खपत के बावजूद अपेक्षित राजस्व प्राप्त नहीं होने की चर्चा विभागीय स्तर पर भी होने लगी है। विभाग को यह संदेह है कि कहीं सरसों के व्यापार और भंडारण में मंडी शुल्क से बचने की कोशिश तो नहीं की जा रही।
जानकारी के मुताबिक व्यापारी विभिन्न स्थानों पर निजी गोदामों में बड़ी मात्रा में सरसों का स्टॉक रख रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इन गोदामों में रखे माल पर नियमानुसार मंडी शुल्क जमा किया जा रहा है या नहीं। यदि शुल्क नहीं जमा हो रहा है तो इससे मंडी समिति को राजस्व का नुकसान हो सकता है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले की निगरानी और जांच की आवश्यकता है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरसों की खरीदी-बिक्री और भंडारण की प्रक्रिया नियमों के अनुसार हो रही है या नहीं। साथ ही मंडी शुल्क की नियमित वसूली सुनिश्चित करने के लिए भी कार्रवाई जरूरी मानी जा रही है।
मंडी क्षेत्र में बढ़ते व्यापार और कम होते शुल्क को लेकर अब विभाग के भीतर भी चर्चा तेज हो गई है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो मंडी को राजस्व का बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर नियमों के अनुसार कार्यवाही भी करेंगे।
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