सीएमओ को निरीक्षण करते समय नियमो का उल्लंघन करते मिले मैरिज गार्डन
खबरो की निगरानी की खबर को सी एम ओ ने लिया संज्ञान में .....

के. के. शर्मा संवाददाता
राजस्व अधिकारी को कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए
खबर के बाद जागा प्रशासन सीएमओ पहुंची जांच करने
भितरवार। मध्यप्रदेश नगरीय प्रशासन विभाग ने मैरिज गार्डन संचालन के लिए पंजीयन की गाइड लाइन बनाई है, लेकिन भितरवार नगर में मैरिज गार्डन संचालक इस गाइड लाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। खास बात तो यह है कि मैरिज गार्डन नगर के मुख्य सड़क मार्गऔर सकरी गलियों में गाइड लाइन का उल्लंघन करते हुए पिछले कई सालों से खुलेआम चल रहे थे। जिसको लेकर पूर्व में नगर परिषद भितरवार द्वारा सभी संचालकों को विधिवत अनुमति प्राप्त करने संबंधी नोटिस जारी किया गया था लेकिन संबंधित मैरिज गार्डन संचालकों के द्वारा अनुमति प्राप्त न करते हुए बल्कि मैरिज गार्डनो से सारे नियमों को ताक पर रखकर के भव्यता पूर्वक विवाह समारोह के आयोजन किया जा रहे थे। वहीं खबरो की निगरानी के द्वारा इस खबर को प्राथमिकता से चलाया जाएगा जिसके बाद इसी को लेकर गुरुवार को नगर परिषद सीएमओ दलबल के साथ आधा दर्जन से अधिक मैरिज गार्डनो पर पहुंची तो उन्हें वहां जांच में गार्डन के अंदर किए गए निर्माण कार्य की अनुमति तक नहीं मिला जिस पर उन्होंने मौके पर मौजूद राजस्व निरीक्षक को तत्काल प्रकरण बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार की दोपहर भितरवार नगर परिषद सीएमओ श्रीमती रीता कैलासिया, निकाय उप यंत्री पीयूष गुप्ता, राजस्व निरीक्षक विष्णु कुशवाहा, नगर सफाई निरीक्षक विनोद खटीक आदि नगर में संचालित करीब 15से 16मैरिज गार्डनो में से आधा दर्जन के लगभग गार्डन पर पहुंचे जिनमें से कुछ मैरिज गार्डन तो ऐसे हैं, जो नगर पालिका को संपत्ति कर तक नहीं दे रहें। इसके अलावा ऐसे भी हैं, जिनका अभी तक संपत्तिकर रेकॉर्ड में पंजीकृत ही नहीं है। तो बताया जा रहा है कि अधिकतर मैरेज गार्डन राजनीतिक दालों में अपनी दखलंदाजी रखने वाले या प्रभावशाली व्यक्तियों के हैं, जिन पर नगर पालिका जल्द ही कार्रवाई करने वाली है। गुरुवार को नगर पालिका सीएमओ ने राजस्व अमले के साथ निरीक्षण कर इन मैरिज गार्डन पर कार्रवाई की कार्ययोजना बनाई है। नगर पालिका सीएमओ श्रीमती रीता कैलासिया ने अमले के उप यंत्री एवं राजस्व अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह शीघ्र अवैध रूप से संचालित मैरिज गार्डन पर कार्रवाई शुरु करें।
नगर में 15 से 16 मैरिज गार्डन
नगर में करीब 15 से 16 मैरिज गार्डन हैं, जिसमें से किसी का भी नगर पालिका ने पंजीयन नहीं किया है। इस हिसाब से यह सभी अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। नगर पालिका के रेकॉर्ड मैं देखा जाए तो नगर में संचालित इन कई मैरिज गार्डन का संपत्ति कर भी कई वर्षों का जमा नहीं मिलेगा। जहां इनके द्वारा संपत्ति कर जमा नहीं किया जा रहा है, तो कुछ मैरिज गार्डन ऐसे भी है जिन्होंने गार्डन बनाने के लिए किए गए कंट्रक्शन की कोई अनुमति भी निकाय से नहीं ली है।
मैरिज गार्डन में से आधे के पास पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
जब भी इन मैरिज गार्डन में शादी समारोह होता है, वाहन सडक़ पर पार्क होते हैं, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम होता है, बल्कि हादसों का भी डर बना रहता है। नगर पालिका ने लंबे समय से इन मैरिज गार्डन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। गुरुवार को कई सालो के बाद सीएमओ श्रीमती रीता कैलासिया ने नगर में अवैध रूप से संचालित मैरिज गार्डनों का स्वयं पहुंच कर निरीक्षण किया है, साथ ही इनके खिलाफ राजस्व अमले को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह है कि नगर पालिका का राजस्व अमला कितनों पर कार्रवाई करता है।
मैरिज गार्डन संचालन के लिए नियम
मैरिज गार्डन के क्षेत्रफल का 25 प्रतिशत पार्किंग के लिए आरक्षित करना होगा।
यदि कोई मैरिज गार्डन बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित होता है तो उसे अवैध घोषित कर तोड़ा जाएगा।
मैरिज गार्डन का रजिस्ट्रेशन शुल्क क्षेत्रफल के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।
मैरिज गार्डन में साफ सफाई, वाहन एवं नागरिकों की सुरक्षा एवं अग्निशमन के उपकरण रखने होंगे।
10 से 12 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करना होगा। इसके अलावा हर साल एक निर्धारित शुल्क नगर पालिका को टैक्स के रूप में देना होता है।
हर तीन साल में रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना का प्रावधान है।
किसी भी अस्पताल, स्कूल और कॉलेज से मैरिज गार्डन की दूरी कम से कम 100 मीटर होना चाहिए।
मैरिज गार्डन में रात 10 से सुबह 8 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं होगा।




