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पत्रकार शैलेन्द्र तिवारी
मो.8878356416
एक ओर मध्य प्रदेश सरकार किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने और उपार्जन केन्द्रों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर ग्वालियर जिले की कृषि उपज मंडी समिति दिनारपुर की स्थिति सरकारी दावों की हकीकत बयान कर रही है। मंडी परिसर में इन दिनों किसान और व्यापारी अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि यहां पीने के पानी, प्रसाधन, विश्रामगृह और फसल सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं तक ठीक से उपलब्ध नहीं हैं।
दिनारपुर मंडी में इन दिनों गेहूं सहित अन्य फसलों की आवक बढ़ी हुई है। बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन मंडी परिसर में उनके ठहरने और आराम के लिए बनाए गए विश्रामगृहों की हालत खराब बनी हुई है। किसानों का कहना है कि विश्रामगृहों में न तो साफ-सफाई की उचित व्यवस्था है और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। भीषण गर्मी के बीच पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मंडी परिसर में व्यापार करने वाले व्यापारियों ने बताया कि किसानों से खरीदी गई उपज को बोरों में भरकर खुले परिसर में रखा जाता है। लेकिन यहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होने के कारण आवारा पशु आसानी से मंडी परिसर में घुस आते हैं और फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार पशु बोरों में भरी उपज को खा जाते हैं, जिससे व्यापारियों और किसानों दोनों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन को कई बार अव्यवस्थाओं की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिसके चलते मंडी की व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती जा रही हैं।
मंडी परिसर में बने प्रसाधन भवन भी जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। किसानों, मजदूरों और व्यापारियों को गंदगी और अव्यवस्था के बीच मजबूरी में उनका उपयोग करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत और साफ-सफाई के अभाव से हालात और खराब हो गए हैं।
इसी बीच दिनारपुर मंडी प्रभारी के साथ कार्य कर रहे सहायक प्रभारी राजू गौर ने भी किसानों और व्यापारियों की समस्याओं को देखते हुए मंडी सचिव के सामने व्यवस्थाओं में सुधार की मांग रखी है। उन्होंने मंडी परिसर में पानी, साफ-सफाई, सुरक्षा और प्रसाधन जैसी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने की आवश्यकता बताई है।
गौरतलब है कि जिले में कलेक्टर द्वारा उपार्जन केन्द्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद दिनारपुर मंडी की जमीनी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है।
अब देखना होगा कि मंडी प्रशासन किसानों और व्यापारियों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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