मंडी बोर्ड में नियमों का पालन कराने के बजाय पसंद-नापसंद के आधार पर आयुक्त द्वारा बांटी जा रही जिम्मेदारी
गुना जिले की मंडी में पदस्थ सचिव श्याम को एक नहीं, तीन मंडियों का अतिरिक्त प्रभार — कई आरोपों के बावजूद दिया गया जिम्मा, मंडी कार्यालयों में चर्चा तेज

भोपाल/गुना।
प्रदेश में किसानों को बेहतर सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था देने का दावा करने वाला मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड (मंडी बोर्ड) अब खुद नियम विरुद्ध फैसलों को लेकर सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि गुना जिले की मंडी में पदस्थ सचिव श्याम को आयुक्त पुरुषोत्तम कुमार ने एक नहीं बल्कि तीन मंडियों का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
इस आदेश के बाद पूरे प्रदेश के मंडी कार्यालयों में चर्चा का दौर तेज है। मंडी बोर्ड के नियमों के अनुसार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को एक से अधिक मंडियों का प्रभार देने से पहले प्रशासनिक स्वीकृति और कारण दर्ज करना अनिवार्य होता है, लेकिन इस मामले में इन सभी औपचारिकताओं को नजरअंदाज किया गया बताया जा रहा है।
स्रोतों के मुताबिक, सचिव श्याम पर पूर्व में कई अनियमितताओं और कार्यप्रणाली से जुड़ी शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। बावजूद इसके उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपना कई अधिकारियों के गले नहीं उतर रहा। कर्मचारी कर्मचारियों का कहना है कि मंडी बोर्ड में नियमों का पालन करने के बजाय पसंद-नापसंद के आधार पर जिम्मेदारियां बांटी जा रही हैं।




