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शैलेन्द्र तिवारी पत्रकार
मो.8878356416
ग्वालियर जिले की दीनारपुर कृषि उपज मंडी समिति में किसानों के साथ तोल के नाम पर बड़े स्तर पर गड़बड़ी और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। किसान संघ के पदाधिकारियों ने मंडी पहुंचकर व्यापारियों द्वारा की जा रही कथित अनियमितताओं की जांच कराई। इस दौरान कई तोल कांटों में अंतर पाए जाने का दावा किया गया।
किसान संघ के नेताओं के अनुसार मंडी में किसानों की उपज तौलते समय प्रत्येक बोरे पर करीब 300 ग्राम अतिरिक्त वजन लिया जा रहा था। इसके अलावा पल्लेदारों द्वारा अलग से अनाज लेने की शिकायत भी सामने आई। जांच के दौरान कई कांटों में 500 ग्राम से लेकर 5 से 10 किलो तक अतिरिक्त वजन दर्ज होने की बात कही गई।
किसान यूनियन नेताओं का कहना है कि दीनारपुर मंडी में प्रतिदिन लगभग 5 हजार क्विंटल उपज की आवक होती है। यदि प्रति क्विंटल औसतन 600 ग्राम अतिरिक्त वजन लिया जाए तो प्रतिदिन करीब 30 क्विंटल अनाज किसानों से अतिरिक्त रूप से लिया जा रहा है, जिसकी कीमत लगभग एक लाख से सवा लाख रुपए प्रतिदिन बैठती है।
मामले को गंभीर बताते हुए किसान संघ के नेता चौधरी भूपेन्द्र सिंह हिमैयापुरा ने कहा कि प्रदेश सरकार खुद को किसान हितैषी बताती है, लेकिन मंडियों में किसानों का लगातार शोषण हो रहा है। किसानों की मेहनत की कमाई पर व्यापारी और संबंधित लोग डाका डाल रहे हैं।
किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंडी प्रभारी धाकड़ और संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही मौके पर मौजूद अधिकारियों से तोल कांटों की जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ी पाए जाने पर कांटों को दुरुस्त कराया गया।
इस दौरान भवानी शंकर शर्मा, चौधरी भूपेन्द्र सिंह, रामाधार सिंह यादव, मुकेश शर्मा, जसमत सिंह, दिलीप कुशवाह सहित कई किसान मौजूद रहे। मंडी में तोल व्यवस्था पारदर्शी नहीं बनाई जाए
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