फैमिली एडॉप्शन प्रोग्राम के तहत पांच गांवों में पहुंची जीआरएमसी की टीम
5 गांवों में स्वास्थ्य शिविर, 400 से अधिक को मिला नि:शुल्क उपचार

शैलेन्द्र तिवारी संवाददाता
गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा फैमिली एडॉप्शन प्रोग्राम के अंतर्गत कम्युनिटी मेडिसिन विभाग ने पांच गांवों में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में लगभग 400 से अधिक ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार का लाभ उठाया। महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने मेडिकल कॉलेज परिसर से बसों के माध्यम से चिकित्सक दल एवं एमबीबीएस के 200 विद्यार्थियों को गांवों के लिए रवाना किया।
स्वास्थ्य शिविर जारगा, रावर, बिठौली, रमौआ और तुरारी गांवों में लगाए गए। शिविरों में सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, रक्तचाप एवं शुगर जांच, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परामर्श, संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों की जांच तथा आवश्यक दवाइयों का नि:शुल्क वितरण किया गया। ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति भी जागरूक किया गया। कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज बंसल के नेतृत्व में आयोजित इन शिविरों में डॉ. प्रवीण गौतम, डॉ. राजेश यादव, डॉ. अवधेश दिवाकर, डॉ. रीता पटेल, डॉ. महेंद्र चौकसे, डॉ. सस्मिता मुंगी, डॉ. ऋचा चांगुलानी और डॉ. भावना किचोलिया सहित विभाग की फैकल्टी ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अतिरिक्त पीजी प्रभारी डॉ. अंजीता, डॉ. प्रवेश, डॉ. नेहा, डॉ. बिबेक, डॉ. दीपक, डॉ. ऋषभ, डॉ. प्रियंका, डॉ. सौरव, डॉ. नीनू, डॉ. वागीशा, डॉ. हिमांशु, डॉ. अमित, डॉ. धुआराम और डॉ. जीवन सहित 200 एमबीबीएस विद्यार्थियों ने ग्रामीणों की जांच एवं पंजीयन कार्य में सहयोग किया। शिविरों के दौरान कई मरीजों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह और एनीमिया जैसी समस्याएं पाई गईं, जिन्हें आगे की जांच और उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज आने की सलाह दी गई।
*शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराना*
महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ. धाकड़ ने बताया कि फैमिली एडॉप्शन प्रोग्राम का उद्देश्य मेडिकल विद्यार्थियों को सामुदायिक स्वास्थ्य की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को उनके घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।




